कृषि निदेशालय में तैनात अटैचमेन्ट कर्मियों की फौज कर रही मौज!
देहरादून। कृषि निदेशालय में अटैचमैन्ट कर्मियों की संख्या लगभग 60 से 70 तक है। ये सभी कर्मचारी अपनी मूल तैनाती के पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में न जाकर निदेशालय में सम्बद्ध हैं ,जिनकी तनख्वाह पहाडो़ में तैनाती स्थल आफिस से निकल रही है और ये मौज देहरादून में काट रहे हैं।
दुर्गम क्षेत्रों के किसान जहां अपनी कृषक निधि, कृषि उपकरण, उन्नत बीजों की प्रतीक्षा में निगाह लगाए बैठे हैं वहीं ये मैदानी क्षेत्रों के किसानों को ट्रैक्टर, थ्रैसर, कृषि उपकरण, और बीज बाँटने में व्यस्त हैं।
इन कर्मियों में वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी, साँख्यकीय अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों पर काबिज हैं। ये सब कर्मी सरकार के तबादला एक्ट की धज्जियां उडा़ रहे हैं।
स्थानान्तरण होने के बावजूद भी दूसरे स्थानों पर ज्वाईनिंग नहीं दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश अपने अधिकारी एवं नेताओं के प्यारे हैं। विभाग में साहब के प्रियकर्मी तो ये ही बने बैठे हैं। अब ये समझ नहीं आता विभाग का मूलकर्मी तो पावर और कार्य में कमतर कर दिया गया है, वहीं ये अटैचमैन्ट कर्मी सब ब्यवस्था देख रहे हैं। आखिर ये सब कब तक चलेगा?
