हरियाणा विधानसभा से जुड़े 4 बड़े कानून पास, जानिए आम जनता से लेकर कर्मचारियों तक को क्या मिलेगा फायदा शव प्रदर्शन पर रोक से लेकर सट्टेबाजी और मानव तस्करी पर कड़ा कानून, संविदा कर्मचारियों को भी मिली बड़ी राहत
चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन बुधवार को सरकार ने जनता और कर्मचारियों से जुड़े 4 अहम विधेयक पारित किए। इनमें हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक, ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक, हरियाणा सार्वजनिक द्यूत (जुआ-सट्टा) रोकथाम विधेयक और संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं। इसके अलावा सदन में दो और विधेयक हरियाणा बागवानी पौधशाला विधेयक और अपर्णा संस्था (प्रबंधन एवं नियंत्रण ग्रहण) विधेयक भी पेश किए गए।
क्या-क्या है खास?
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शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक के तहत अब सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है। सरकार का कहना है कि शव के भी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक अंतिम संस्कार का अधिकार है।
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ट्रैवल एजेंट रेगुलेशन बिल के अनुसार बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले एजेंटों पर अब सीधी कार्रवाई होगी। मानव तस्करी में लिप्त पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये जुर्माना तय किया गया है।
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जुआ और सट्टेबाजी पर कड़ा कानून आया है। अब खेल, चुनाव या किसी अन्य माध्यम से सट्टेबाजी या मैच फिक्सिंग पर दोषियों को 5 साल तक की जेल और प्रॉपर्टी जब्ती का भी प्रावधान है।
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संविदा कर्मियों के लिए बड़ी राहत – नौकरी सुरक्षित करने के लिए अब 240 दिन कार्य की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। जिन कर्मचारियों ने 15 अगस्त 2024 तक 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवा सुरक्षा मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि ये सभी विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, कानून व्यवस्था और कर्मचारियों के हित में लाए गए हैं। कांग्रेस विधायकों ने शव निपटान विधेयक पर आपत्तियां भी दर्ज करवाईं।
