हरियाणा चुनाव: सिरसा से BJP का चौंकाने वाला कदम, गोपाल कांडा को समर्थन देने की तैयारी!
भाजपा उम्मीदवार रोहताश जांगड़ा नामांकन वापस ले सकते हैं, हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा बन सकते हैं NDA का चेहरा। सिरसा में कांग्रेस के गोकुल सेतिया से कांटे की टक्कर।
हरियाणा : विधानसभा चुनाव के लिए आज नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है, और सिरसा विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। भाजपा ने सिरसा से उम्मीदवार घोषित किए गए रोहताश जांगड़ा को नामांकन वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इसके संकेत खुद रोहताश जांगड़ा ने दिए हैं।
भाजपा सिरसा सीट पर हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) प्रमुख गोपाल कांडा को समर्थन दे सकती है। गोपाल कांडा ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह अब भी NDA का हिस्सा हैं और चुनाव जीतने के बाद भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।
गोपाल कांडा की सियासी ताकत:
गोपाल कांडा 2019 में सिरसा सीट से विधायक बने और भाजपा को समर्थन देकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस बार भाजपा ने पहले रोहताश जांगड़ा को टिकट दिया, लेकिन अब हलोपा और INLD के गठबंधन के बावजूद भाजपा कांडा को समर्थन देने की तैयारी में है।
कांग्रेस बनाम कांडा:
सिरसा सीट पर कांडा का मुकाबला कांग्रेस के गोकुल सेतिया से है। 2019 में गोकुल सेतिया निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर कांडा को कड़ी टक्कर दे चुके हैं। उस समय कांडा सिर्फ 603 वोटों के अंतर से जीते थे। गोकुल सेतिया, पूर्व विधायक लक्ष्मण दास अरोड़ा के नाती हैं और कांग्रेस के मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
भाजपा की रणनीति:
रोहताश जांगड़ा ने कहा, “पार्टी जो भी फैसला करेगी, हम उसका पालन करेंगे। हमारा लक्ष्य केवल भाजपा सरकार बनाना है।”
सिरसा सीट पर बीजेपी का यह दांव गोपाल कांडा की मजबूत सियासी पकड़ और कांग्रेस से मिल रही चुनौती को देखते हुए अहम साबित हो सकता है।
