देवस्थानम् बोर्ड अस्तित्व में होता तो यात्रा व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होताः त्रिवेन्द्र

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देहरादून। चारधाम यात्रा के प्रबंधन और व्यवस्था को लेकर पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि अगर उनका बनाया हुआ देवस्थानम बोर्ड आज अस्तित्व में होता तो यात्रा से संबधित फैसले बोर्ड स्वयं लेता और व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होता।

पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र ने कहा कि देवस्थानम् बोर्ड हो या फिर मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सुझाया गया यात्रा प्राधिकरण बनाया जाय, दोनों का उद्देश्य एक ही है। दोनों का मकसद चारधाम यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का प्रबंधन करना है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रा प्राधिकरण के गठन की स्थिति देखने के अधिकारियों को निर्देश दिए है।

पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस तरह से यात्रा बढ़ रही है उसके देखते हुए चार धामों को लेकर देवस्थानम बोर्ड का विचार आया था, लगभग डेढ़ साल की चर्चा के बाद हमने देवस्थानम् बोर्ड का गठन किया था ताकि चारधाम यात्रा व्यवस्थित व सुरक्षित हो सके और तीर्थ यात्रियों के लिए आरामदेह यात्रा बना सकें।

उन्होंने कहा कि मेरे विचार से इस प्रकार इस प्रकार की जो जरूरत हमने उस वक्त महसूस की थी वो आज उससे ज्यादा महसूस की जा रही है। बोर्ड बनने के बाद लोअर लेवल पर निर्णय हो जाते, बोर्ड निर्णय ले लेता, सरकार के लेवल पर आने की जरूरत नहीं पड़ती। शासन में नीतियों के कारण निर्णय लेने की लंबी प्रक्रिया है।