अष्टमी पर उधमसिंह नगर वासियों को प्रधानमंत्री आवास का तोहफा, CM धामी ने किया लोकार्पण और शिलान्यास
काशीपुर। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 547 करोड़ रुपए लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें से 8 योजनाएं उधम सिंह नगर और एक योजना नैनीताल जिले के रामनगर की है। इसके साथ ही सीएम धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 7776 परिवारों को मकान आवंटित किए. शिलान्यास और लोकार्पण का ये कार्यक्रम काशीपुर के उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया। सीएम ने कहा कि सितंबर 2024 तक ये सभी योजनाएं अपने तय समय पर पूरी होंगी। इनके निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा साथ ही निर्माण कार्य में लेटलतीफी एवं हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने 6499.53 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मटकोटा (रुद्रपुर), 6681.26 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना भयामनगर (गदरपुर), 6625.96 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उकरौली (सितारगंज), 8946.21 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना शिमला पिस्तौर (रुद्रपुर), 4345.06 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना गंगापुर गोसाई (काशीपुर), 8418.83 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना जसपुर, 3560.40 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मानपुर (काशीपुर), 3793.16 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उमेधपुर (रामनगर, नैनीताल) और 5833.85 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना महुआखेड़ागंज (काशीपुर) की योजनाओं का शिलान्यास किया।
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के निर्माण का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। आज काशीपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रदेश के आवासीय मंत्री भी शामिल रहे। पूरे प्रदेश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 17 हजार से अधिक आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी प्रधानमंत्री ने आज काशीपुर से आवासीय योजना के तहत जिले की 9 शहरों की योजनाओं का शिलान्यास किया। आज आवास बनने के बाद 7776 परिवारों को मकान आवंटित किए गए. प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि 2024 तक सभी जरूरतमंद परिवारों के पास अपना मकान हो। उन्होंने कहा कि ईंट-पत्थर जोड़कर इमारत तो बन सकती है लेकिन उसे घर नहीं कह सकते, वो घर तब बनता है जब उसमें परिवार के हर सदस्य का सपना जुड़ा हो. अपना व परिवार के सदस्य एक लक्ष्य के लिए जी-जान जुड़े हों, तब एक इमारत घर बन जाती है।
