एशिया में मैंने सबसे पहले भारत आना चुना, दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक साझेदारी है: फ्रांस की विदेश मंत्री कोलोना

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एशियाई क्षेत्र की यात्रा पर भारत आई फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने कहा कि वे सबसे पहले यहीं आना चाहती थी। उन्होंने कहा, ‘मैं एक मंत्री के रूप में अपनी पहली यात्रा के लिए एशियाई क्षेत्र में भारत को चुनना चाहती थी। इसका कारण फ्रांस और भारत की मजबूत रणनीतिक साझेदारी है। पिछले 25 वर्षों में हमने बहुत कुछ हासिल किया है।’

फांस की विदेश मंत्री ने आगे कहा, ‘हम न केवल रक्षा सुरक्षा पर बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी साथ मिलकर काम करते हैं। हम और अधिक करना चाहते हैं और यही यात्रा की भावना है। अब हम आपके कुछ मंत्रियों को मिलेंगे। पीएम मोदी से आज बाद में मिलने का कार्यक्रम है। मेरे राष्ट्रपति और पीएम मोदी पिछले मई में मिले थे, वे जल्द ही दोबारा मिलेंगे।’

फांस में बढ़े भारतीय छात्रों की संख्या

फ्रांस चाहता है कि 2025 तक देश में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़कर 20,000 हो जाए। ऐसा कहना है फ्रांस की विदेश मंत्री का। बता दें कि कोलोना इस समय भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने यहां लेडी श्रीराम कॉलेज में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘हम चाहते हैं कि 2025 तक भारतीय छात्रों की संख्या 20,000 तक पहुंच जाए। मुझे पता है कि यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूती है।’

फ्रांसीसी मंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लिंग संतुलन एक आवश्यकता है। बता दें कि 13-15 सितंबर तक अपनी आधिकारिक यात्रा क् रूप में, कोलोना उद्योग जगत के नेताओं के साथ बैठक और गुरुवार को साइट के दौरे के लिए मुंबई की यात्रा करेंगी।