कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में इंटरस्टेट बैठक, बड़ी तादाद में शिवभक्तों के पहुंचने की उम्मीद
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय रह गया है। ऐसे में शासन प्रशासन कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुट गया है। आज कांवड़ मेले को लेकर डाम कोठी में कमिश्नर गढ़वाल ने सीमावर्ती जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर अन्य जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी भी शामिल रहे।
बैठक में कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए आपसी समन्वय बनाने पर जोर दिया गया।कांवड़ यात्रा शांतिपूर्वक और बेहतर ढंग से संपन्न कराने लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है।
कांवड़ यात्रा भी 2 साल बाद हो रही है। इस बार कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिव भक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार आएंगे। इससे पूर्व 2019 की कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों की संख्या साढ़े 3 करोड़ के लगभग रही थी।
वह इस बार 4 करोड़ से ज्यादा भक्तों की संख्या हो सकती है। ऐसे में कांवड़ मेले को को लेकर आज डाम कोठी मे इंटरस्टेट अधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में कमिश्नर गढ़वाल सुशील कुमार ने सीमावर्ती जिलों से आए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। जिस तरह से हमने चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से चलाया है। उसी तरह हमारा प्रयास है कि कांवड़ मेला भी सकुशल संपन्न हो। इसी कड़ी में आज हमने इंटर स्टेट के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की है। जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा के अधिकारी भी मौजूद रहे हैं। बैठक में कांवड़ मेले के दौरान किन चीजों पर प्रतिबंध रहेगा, इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस पर कल मुख्यमंत्री खुद सभी अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे। जिसके बाद शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा बैठक में यह सुझाव रखा गया कि जिस तरह से चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। उसी से मिलती-जुलती कोई व्यवस्था कांवड़ मेले के दौरान भी की जाए। कांवड़ मेले में आने वाले शिव भक्त एक लिस्ट बनाकर, जहां से आ रहे हैं, वहां के थानों में देकर आए
। साथ ही उत्तराखंड बॉर्डर पर भी उस लिस्ट को उपलब्ध करा दें तो, मेला संपन्न कराने में आसानी होगी। साथ ही सभी यात्रियों को अपने साथ परिचय पत्र जरूर लेकर चलने के लिए पर भी सहमति बनी है।
