देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सिर झुकाया: राहुल गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा पर टिप्पण करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि किसान सत्याग्रह ने अहंकार को हरा दिया। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले एक साल से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया।
अन्याय के खिलाफ़ ये जीत मुबारक हो!जय हिंद, जय हिंद का किसान!#FarmersProtest https://t.co/enrWm6f3Sq
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 19, 2021
वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ”काले कानूनों को निरस्त करना सही दिशा में एक कदम। किसान मोर्चा के सत्याग्रह को ऐतिहासिक सफलता मिली। आपके बलिदान ने लाभांश का भुगतान किया है। पंजाब में एक रोड मैप के माध्यम से खेती को पुनर्जीवित करना पंजाब सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
Repealing of black laws a step in the right direction …. Satyagrah of Kisan morcha gets historic success…. You’re sacrifice has paid dividends…. Revival of farming in Punjab through a road map should be the top priority for the Pb govt ….accolades
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) November 19, 2021
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी ट्वीट करते हुए लिखा, ”मैं किसान आंदोलन में शहादत देने वाले सभी किसानों को नमन करता हूं। यह उनके बलिदान की जीत है।। तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा लोकतंत्र की जीत एवं मोदी सरकार के अहंकार की हार है। यह पिछले एक साल से आंदोलनरत किसानों के धैर्य की जीत है। देश कभी नहीं भूल सकता कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता एवं अभिमान के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।”
गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि तीन कानून किसानों के लाभ के लिए थे, लेकिन “हम सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद किसानों के एक वर्ग को आश्वस्त नहीं कर सके”। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों का लक्ष्य किसानों, खासकर छोटे किसानों को सशक्त बनाना है।
मोदी ने कहा कि कृषि बजट में सालाना 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने से पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी सरकार के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
