भारत में जल्द ही आएगी कोरोना की गोली, DCGI कर रहा है डेटा की समीक्षा
ड्रग कंट्रोलर जरनल ऑफ इंडिया ब्रिटेन में स्वीकृत दुनिया की पहली कोविड-विरोधी गोली मोलनुपिरवीर के आंकड़ों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि इसको भारत में वयस्कों में कोविड-19 के उपचार के लिए मंजूरी दी जा सके।
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने कहा कि वह मर्क शार्प डोहमे (एमएसडी) और रिजबैक के मोलनुपिरवीर को मोल्क्सविर ब्रांड नाम से पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सन फार्मा भारत की उन कंपनियों में से एक है जिसके साथ मर्क ने स्वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौते किए हैं।
सन फार्मा इंडिया बिजनेस की सीईओ कीर्ति गणोरकर ने एक बयान में कहा, “ब्रिटेन के नियामक द्वारा एमएसडी और रिजबैक से लाइसेंस प्राप्त मोलनुपिरवीर का हालिया प्राधिकरण एक सकारात्मक कदम है। कोविड-19 उपचार के लिए नई दवाओं तक पहुंच में तेजी लाने के हमारे निरंतर प्रयासों के अनुरूप, हम DCGI द्वारा अनुमोदन के बाद किफायती मूल्य पर भारत भर के रोगियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मोल्क्सविर उपलब्ध कराने के लिए कमर कस रहे हैं।”
संयुक्त राज्य अमेरिका भी मोलनुपिरवीर के डेटा से गुजर रहा है।
जिन वयस्कों को कोविड का खतरा है, वे गंभीर लक्षणों या अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए इस गोली का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एंटी-कोविड गोलियां टीकों का विकल्प नहीं हैं। कोविड के लक्षण दिखने के पहले कुछ दिनों के भीतर गोली ली जा सकती है।
