डब्ल्यूएचओ ने फिर लटकाया भारत की कोवैक्सिन को मंजूरी देने का मुद्दा, अब बताई ये वजह
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत में विकसित कोविड वैक्सीन कोवैक्सिन के लिए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) में और देरी कर दी है, क्योंकि वैश्विक निकाय ने अपने निर्माता भारत बायोटेक को अधिक तकनीकी प्रश्न भेजे हैं।
देरी का संकेत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संकेत दिए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है कि वैश्विक निकाय जल्द ही कभी भी अपनी मंजूरी दे सकता है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार ने कहा था, “अनुमोदन के लिए दस्तावेज़ जमा करने की एक प्रक्रिया है। कोवैक्सिन को डब्ल्यूएचओ का आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण जल्द ही अपेक्षित है।”
भारत बायोटेक के अनुसार, कोवैक्सिन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों ने 77.8 प्रतिशत की प्रभावकारिता दर का प्रदर्शन किया था।
डब्ल्यूएचओ ने अब तक फाइजर-बायोएनटेक, जॉनसन एंड जॉनसन, मॉडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित टीकों को भी मंजूरी दी है।
