एंटीलिया केस:-एनआईए की चार्जशीट पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बोला हमला, कहा- बीजेपी के इशारे पर अनिल देशमुख को फंसाया गया
एंटीलिया मामले में एनआईए की चार्जशीट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि एनआईए की चार्जशीट में सचिन वाजे को मुख्य आरोपी बनाया गया था. हम पहले दिन से कह रहे हैं कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के लिए अनिल देशमुख के खिलाफ आरोप लगाए है.
नवाब मलिक ने कहा कि परमबीर सिंह ने सीएम और अन्य को गुमराह किया है. वो बंद दरवाजों के पीछे वाजे से मिला. चार्जशीट में मिली जानकारी के अनुसार जो व्यक्ति हेरफेर के पीछे है उससे पूछताछ नहीं की जा रही. सिंह ने बीजेपी के इशारे पर मंत्री को फंसाया है.
NIA's chargesheet in Antilia case raised many questions. Sachin Waze was framed as main accused. From day one, we're saying that (former Mumbai Police Commissioner) Parambir Singh levelled allegations against Anil Deshmukh to save himself: Maharashtra Minister Nawab Malik (08.09) pic.twitter.com/pimTDuWTr8
— ANI (@ANI) September 9, 2021
एनआईए की चार्जशीट पर ना हो राजनीति
वहीं बीजेपी के विधायक आशीष शेलार ने मामले पर कहा कि एनआईए अपना काम कर रही है. जो लोग एनआईए की चार्जशीट पर सवाल उठा रहे हैं, वो कोर्ट जो सकते हैं. एनआईए की चार्जशीट का इस्तेमाल राजनीति करने के लिए नहीं होना चाहिए.
एनआईए की जांच में हुए ये खुलासे
एनआईए की जांच में परमबीर सिंह और सचिन वाजे को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं. ईशान सिन्हा नाम के साइबर एक्सपर्ट द्वारा एनआईए को दिया बयान काफी चौकाने वाला है. परमबीर सिंह ने ईशान से टेलीग्राम पर जैश उल हिंद द्वारा अंबानी परिवार को आई धमकी का एक मॉडिफाइड रिपोर्ट बनवाया था. ये वैसी ही रिपोर्ट थी जो ईशान ने दिल्ली स्पेशल सेल को इजराइली एंबेसी के बाहर हुए धमाके बाद दी थी.ॉ
फर्जी रिपोर्ट बनवाने का आरोप
ईशान ने उसी रिपोर्ट को बदलकर उसमे अंबानी को दिए धमकी वाला पोस्टर लगाकर फ़र्ज़ी रिपोर्ट परमवीर सिंह के कहने पर बनाई थी, ताकि ये साबित हो सके कि अंबानी को धमकी तिहाड़ से आई थी. इस रिपोर्ट के एवज में ईशान को परमवीर सिंह ने अपनी केबिन में 5 लाख रुपए भी दिए थे.
अंबानी के एंटीलिया आवास के बाहर 24-25 फरवरी की रात एक विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियों कार बरामद हुई थी. उस कार में जिलेटिन की छड़ों के अलावा एक धमकी भरा पत्र भी मिला था. इस घटना की जिम्मेदारी जैश-उल-हिंद नाम के आतंकी संगठन ने एक टेलीग्राम चैनल से स्वीकार की थी. मार्च 2021 में इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई.
