मुकेश अंबानी को लगा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल विवाद में अमेजन के पक्ष में सुनाया फैसला
भारत की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को फ्यूचर रिटेल और अमेजन के बीच चल रहे विवाद पर बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में फैसला दिया है। इस फैसले से मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल और किशोर बियानी के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को बड़ा झटका लगा है। अमेजन ने इस सौदे को विभिन्न अदालतों में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के रिलायंस रिटेल के साथ 24,731 करोड़ रुपये के विलय सौदे पर रोक लगाने का सिंगापुर के आपात निर्णायक का फैसला भारतीय कानूनों के तहत वैध एवं लागू करने योग्य है।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला रिलायंस रिटेल द्वारा फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, थोक, लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग कारोबार का अधिग्रहण करने की घोषणा के लगभग एक साल बाद आया है। रिलायंस रिटेल ने इस सौदे की घोषणा अगस्त 2020 में की थी। दिसंबर 2019 में अमेजन ने फ्यूचर रिटेल की प्रमोटर इकाई फ्यूचर कूपंस में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। अमेजन ने इस सौदे का विरोध यह कहते हुए किया कि यह फ्यूचर ग्रुप के साथ उसके समझौते के खिलाफ है।
ई-कॉमर्स कंपनी ने इस सौदे को आर्बिट्रेशन कोर्ट के साथ ही साथ दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी। अमेजन का आरोप है कि फ्यूचर रिटेल ने प्रतिस्पर्धी रिलायंस रिटेल के साथ सौदा कर अपने समझौते को तोड़ा है।
