6 फरवरी को चक्का जाम के दौर फिर हो सकता है उपद्रव: पुलिस सूत्र

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किसानों द्वारा 6 फरवरी को चक्‍का जाम को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर की अध्‍यक्षता में एक अहम बैठक हुई, जिसमें बैठक दिल्ली पुलिस के आलाधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी में सड़कों को जाम नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने चक्काजाम के दिन सुरक्षा कैसी रहेगी, इसकी समीक्षा की।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस को खुफिया इनपुट मिले हैं कि चक्का जाम पर माहौल खराब करने के लिए उपद्रव हो सकता है। 26 जनवरी की तरह 6 फरवरी के लिए भी इंटरनेशनल साजिश पाकिस्तान के जरिए रची जा रही है, इसके पीछे कई खालिस्तानी समर्थक ग्रुप है, जो ट्विटर व इंस्टा पर एक्टिव हैं। इसको देखते हुए दिल्ली-एनसीआर से लगे हुए बॉर्डरों पर 100 से ज्यादा छोटे-बड़े पॉइंट पर निगरानी की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यातायात अवरुद्ध होता है तो दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। दिल्ली के तमाम बॉर्डर्स पर बेरिगेटिंग (सीमेंटिड बैरिकेडिंग), लोहे की बेरिगेटिंग, डंपर ट्रक और कंटेनर से बैरिकेडिंग की जाएगी।

वहीं दिल्ली पुलिस बॉर्डर्स पर ड्रोन कैमरे से नज़र रखेगी। इसके साथ ही बॉर्डर्स पर फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर तैनात किए जाएंगे, ताकि अगर कोई कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश करता है तो कानून कार्रवाई के लिए उसकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा सके। चक्का जाम को देखते हुए बॉर्डर्स पर पैरामिलिट्री फ़ोर्स के जवानों को भी तैनात किया जाएगा।

चक्काजाम पर राकेश टिकैत बोले-दिल्ली में आंदोलन नहीं होगा

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा कि 6 फरवरी को शांतिपूर्ण प्रस्तावित तीन घंटे ‘चक्का जाम’ होगा। मीडिया से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि 6 फरवरी को उनका आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और जो किसान दिल्‍ली नहीं आ सकते हैं, वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसा करेंगे। टिकैत ने जोर देकर कहा था कि 6 फरवरी को ‘चक्का जाम’ राष्ट्रीय राजधानी में नहीं, बल्कि दिल्ली के बाहर हर जगह होगा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के कारण फंसे लोगों को भोजन और पानी मुहैया कराएंगे।

किसान यूनियनों ने कहा है कि वे अपने आंदोलन स्थलों के पास के क्षेत्रों में इंटरनेट प्रतिबंध के विरोध में, अधिकारियों द्वारा कथित रूप से उत्पीड़न और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राजमार्गों को अवरुद्ध करेंगे।