LAC पर हालात में कोई बदलाव नहीं, चीन-पाक हो सकते हैं बड़ा खतरा: जनरल एमएम नरवणे
भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सेना दिवस से पहले वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एलएसी पर चीन के साथ हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान और चीन मिलकर बड़ा खतरा हो सकते हैं और इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा, ”पिछला साल चुनौतियों से भरा था। हमें बात भी करनी थी और चुनौतियों का सामना करना था। हमने ऐसा ही किया और शीर्ष पर आ गए। मुख्य चुनौती COVID19 और उत्तरी सीमाओं की स्थिति थी। हमने उत्तरी सीमाओं के साथ-साथ सतर्कता की एक उच्च स्थिति बनाए रखी है। हम एक शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन किसी भी घटना को पूरा करने के लिए तैयार हैं। सभी लॉजिस्टिक्स का ध्यान रखा जा रहा है।”
सेना प्रमुख ने कहा, ”भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी-सक्षम सेना विकसित करने के लिए सभी नई तकनीकों को लाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना लगातार जारी रखे हुए हैं, लेकिन हम आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेस पॉलिसी अपनाए हुए हैं। हमने आतंकियों को खुद के चुने हुए समय और स्थान पर जवाब दिया है, जोकि एक स्पष्ट संदेश है, जिसे हमने भेजा है।”
उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान और चीन मिलकर बड़ा खतरा हो सकते हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता, हम उसी हिसाब से अपनी प्लानिंग करते हैं। हम वक्त वक्त पर संभावित खतरों को लेकर रिव्यू करते रहते हैं उसी हिसाब से प्लानिंग करते रहते हैं, तैनाती करते हैं, पॉलिसी बनाते हैं। अलग-अलग आतंकी संगठनों में भर्ती अभी भी हो रही है। हमारी कोशिश है कि उन्हें रोका जाए। हमारा सद्भावना प्रोजेक्ट चल रहा है। कोशिशों की वजह से ही भर्ती हर साल कम होती जा रही है। जैसे-जैसे ज्यादा विकास होगा, वैसे भर्ती कम होगी।”
नरवणे ने कहा, ”हम एलएसी पर डटे रहेंगे, चाहे कितनी सर्दी और गर्मी क्यों ना पड़े। LAC पर चीन की तरफ से जो मोबलाइजेशन हुआ था, वह नया नहीं था। वह हर साल ट्रेनिंग के लिए आते हैं। हमारी नजर भी थी। पर वह ऐसा करेंगे, ऐसा अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था। फर्स्ट मूवर एडवांटेज उन्हें मिला। जैसा हमें अगस्त में मिला और हमने उन्हें सरप्राइज किया।”
