पालघर लिंचिंग केस में सीआईडी ने तीन महीने बाद 126 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

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महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या के मामले में ठीक तीन महीने बाद महाराष्ट्र की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बुधवार को एक अदालत में 126 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। सीआईडी ने दहाणु कोर्ट में 126 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दायर की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है।

अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बताया कि पालघर जिले की धानू तालुका में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में 4,955 पन्ने का आरोपत्र दाखिल किया गया है। सीआईडी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि घटना की जांच कर रही टीम ने 808 संदिग्धों और 118 गवाहों से पूछताछ करने के बाद आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए हैं।

पुलिस ने बताया कि 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 11 नाबालिगों को पकड़ा गया। अब तक किसी भी आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया गया है। विज्ञप्ति में बताया गया, ‘‘मामले में जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (सीआईडी) विजय पवार ने 126 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।’’

सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया कि अदालत के अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। दस्तावेज जांच किए जाने के बाद अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। जिले के गढचिंचाले गांव में 16 अप्रैल को भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यह घटना उस वक्त हुई थी जब वे सभी एक कार से सूरत में अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने जा रहे थे।

यह है मामला

जानकारी के मुताबिक, उस त्रासदी वाली रात को जूना अखाड़े के कल्पवृक्षगिरि महाराज (70), उनके सहायक सुशीलगिरि महाराज (35) और उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े (30) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। भूलवश उन्हें लुटेरा या अपहर्ता समझकर ग्रामीणों की भारी भीड़ ने उन पर पत्थर, लाठी, दरांती से हमला किया था, जिसके कारण तीनों ने बाद में दम तोड़ दिया।