एक्सक्लूसिवः रुड़की आरटीओ कार्यालय ने सरकार को लगाया चूना, रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूली में हुआ भ्रष्टाचार

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देहरादून। रुड़की आरटीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ वर्षों से आए दिन रुड़की आरटीओ कार्यालय में एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं, लेकिन शासन स्तर पर कोई कार्रवाई न होने से अधिकारी अभी तक बचे हुए हैं। ताजा मामला एक मोटरसाइकिल की कीमत कम दर्शाने का आया है। जानकारी के अनुसार करीब अस्सी हजार का चूना रुड़की आरटीओ कार्यालय ने सरकार को लगा दिया है।

आरटीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का नया मामला सामने आने से अधिकारी भी दंग है। मामला हायबुसा माॅडल की बाइक का है इसकी कीमत 13.5 लाख रूपये है। इस पर 10 फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क की वसूली की गई। लेकिन मजेदार बात यह है कि इसके बाद इसी मॉडल की एक और मोटरसाइकिल की कीमत को पैसे लेकर 7.5 लाख रुपए दर्शा कर उससे रजिस्ट्रेशन शुल्क आठ फीसदी वसूल किया गया गया। जिससे विभाग ने सरकार के राजस्व को तकरीबन 80 हजार रूपये का चूना लगाया है। उधर मामले का सामने आने के बाद मामले में अब अपर परिवहन आयुक्त ने जांच शुरू कर दी है। जिसके बाद विभागीय पत्रावलियों को कब्जे में ले लिया गया है। किसी भी दिन इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है और भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले अधिकारियों का निलंबन लगभग तय बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार रुड़की आरटीओ कार्यालय में जिस तरह से गड़बड़ियां व्याप्त हैं उसकी परत दर परत खुलना शुरू हो गया है।इस मामले को अपन परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने पकड़ा है मोटरसाइकिल का बिल कम दर्शा कर करीब 80 हजार का राजस्व का चूना लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो कई और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। जिसके बाद से विभाग की सभी पत्रावलियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गयी है। उधर विभागीय सूत्रों की माने तो शुरूआती छानबीन में यह बात सामने आयी है कि एक अधिकारी के आरण आरटीओ कार्यालय द्वारा प्रतिमाह सरकार को तकरीबन 5 लाख रूपये से अधिक का चूना लगाया जा रहा है। उधर अपर आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हेरा फेरी का मास्टरमाइंड 25 वर्षो से तैनात है हरिद्वार में

जिस अधिकारी पर हेराफेरी का आरोप लगा है वह अधिकारी पिछले 25 साल से हरिद्वार जिले में तैनात है। इतना ही नहीं कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी उसके संबंध है। अब जांच शुरू होते ही कई वरिष्ठ अधिकारी भी कर्मचारी को बचाने में जुट गए हैं। सूत्रों की माने तो उक्त अधिकारी की अगर आय से अधिक संपत्ति की जांच की जायेगी तो इससे कई ऐसे राज सामने आयेंगे। यह अधिकारी अपनी तैनाती को लेकर इतना चिंत हो गया है कि उससे अपने संर्पक के आधार पर सचिवालय में बैठे अधिकारियों से भी संर्पक शुरू कर दिया है।