चीन के साथ तनाव के बीच सरहद पर भारतीय वायुसेना पूरी तरह से मुस्तैद

INDIAN FIGHTER PLANES

चालबाज चीन को भारत ने उसी की भाषा जवाब देना शुरू कर दिया है। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत ने अपने सभी प्रमुख केंद्रों पर फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों तथा परिवहन बेड़े की तैनाती बढ़ा रही है। चीन के साथ तनाव के बीच सरहद पर भारतीय वायुसेना पूरी तरह से मुस्तैद है। फॉरवर्ड एयर बेस पर लड़ाकू विमानों की तैनाती की गई है। एलएसी पर मिग 29 UPG और अपाचे हेलिकॉप्टर को लैंड किया गया। दुश्मन की हर हरकत पर भारतीय वायुसेना की नजर है।

LAC पर चीन के साथ तनातनी के बीच वायुसेना के विमान चीन को चुनौती दे रहे हैं। वायुसेना के विमान LAC पर गरज रहे हैं। चीन की सरहद से सटे फॉरवर्ड एयरबेस पर वायुसेना के विमान लगातार गश्त लगा रहे हैं। मिग 29 विमान, अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर लगातार अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। फॉर्वर्ड एयरबेस पर तैनात एक स्क्वाड्रन लीडर ने कहा कि यहां मौजूद सभी एयर वॉरियर्स पूरी तरह से ट्रेन्ड हैं। उन्होंने कहा कि ‘इस बेस पर और वायुसेना में हर एयर वॉरियर पूरी तरह से प्रशिक्षित और सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं. हमारा जोश हमेशा ऊंचा रहा है और आकाश को गौरव से छू रहा है।’

रूस में बने सुखोई-30MKI और मिग-29 जैसे विमान लगातार उड़ान भरते और उतरते देखे जा सकते हैं। अमेरिकी सी-17 और सी-130जे तथा रूस में बने इल्युशिन -76 और एंटोनोव-32 जैसे परिवहन विमानों का उपयोग सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को दूरस्थ स्थानों तक लाने और ले जाने के लिए किया जाता है, इनकी भी तैनाती चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर की जा रही है।

अपाचे हेलीकॉप्टर इनमें से सबसे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वो लगातार उड़ान भर रहे हैं और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में लड़ाकू भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस साल मई के महीने से पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना का जमावड़ा शुरू हो गया था और तब से लेकर अब तक अमेरिका के बने अपाचे और भारी वजन उठाने में सक्षम चिनूक हेलीकॉप्टरों ने भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चिनूक भारी-भरकम हेलीकॉप्टर बेस पर तैनात एमआई -17 वी 5 हेलीकॉप्टरों के रूसी बेड़े के साथ सेना और आईटीबीपी के जवानों को आगे के स्थानों पर ले जाने के लिए नियमित सामरिक उड़ान भर रहे हैं। इस पूरे एयरबेस पर गतिविधियां अचानक से तेज हो गई है। चीन की सीमा के पास का यह एयरबेस देश की युद्धक तैयारियों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

अपाचे हेलीकॉप्टर

अपाचे हेलीकॉप्टर को माउंटेन वॉरफेयर के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस हेलिकॉप्टर के बार में कहा जाता है कि ये पाताल से भी दुश्मनों को निकालता है..हथियारों से लैस और तेज गति से उड़ान भरने वाला ‘अपाचे’ हेलिकॉप्टर जमीन से होने वाले तमाम हमलों का जवाब दे सकता है।

मिग 29

वायुसेना के इस फॉरवर्ड एयर बेस से चीन पर नजर रखने के लिए मल्टी रोल कॉम्बैट, मिग 29 विमान मिराज-2000, सुखोई-30 और जगुआर की भी तैनाती की गई है।

चिनूक हेलिकाप्टर

इसके अलावा चिनूक हेलिकाप्टर को भी लगाया गया है। ये हेलिकॉप्टर लद्दाख में तैनात जवानों के लिए खाद्य सामाग्री ले जा सकता है।