मीडिया का मकडजाल: नैतिक जिम्मेदारी छोड़ अफवाह फैला रहा है मीडिया का एक गुट: सूचना महानिदेशक

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देहरादूनः त्रिवेंद्र सिंह रावत जब से प्रदेश के मुखिया बने उन्हें मीडिया का एक गुट हमेशा टारगेट करता रहा है। त्रिवेंद्र ने चाहे जनकल्याणकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया हो या फिर प्रदेश हित में राजधानी जैसे फैसले लिये हों तब भी वह इस मीडिया गुट का निशाना बने। हाल में सरकार प्रवासियों को घर लाने के अभियान में जुटी है लेकिन मीडिया के इस धड़े ने सनसनी फैला कर सरकार को बदनाम किया। सरकार पर आरोप लगाया कि गुजरात से प्रवासियों को ट्रेन से कोई और लाया। जबकि राज्य सरकार ने प्रवासियों को लाने के लिए रेलवे बोर्ड से वार्ता की और खुद इसका भुगतान भी किया। इन तामाम दस्तावेजों को खुद सूचना महानिदेशक डाॅ मेहबान बिष्ट ने मीडिया के सामने रखा। सूचना महानिदेशक ने जब तथ्य सामने उसके बाद खुद को पाक साफ साबित करने के लिए आधारहीन खबरांे को प्लांटेड किया जाने लगा।

सूचना महानिदेशक ने किया एक्सपोज

लगातार बेतुकी खबरें प्रकाशित करने के बाद आखिरकार सूचना महानिदेशक डाॅ मेहरबान सिंह बिष्ट ने मोर्चा खोलते हुए इन मीडिया संस्थानों को एक्सपोज कर डाला। उन्होंने सरकार के सूचना और संवाद के प्रभारी के तौर प्रवासी उत्तराखंडियों की घर वापसी की सभी जानकारियों को सर्वाजनिक किया। जिसमें रेलवे बोर्ड और राज्य सरकार के बीच हुए पत्र व्यवहार की प्रतियों, रेलवे को किये गये भुगतान का विवरण रखा। सूचना महानिदेशक के इस कदम से पत्रकारों के एक विशेष गुट को भारी आधात पहुंचा की उन्होंने अपनी झूठी खबरों का खंडन करने में भी भारी लज्जा देखाई पड़ी।

सूचना महानिदेशक डाॅ बिष्ट ने कहा कि भविष्य में सही सूचनाओं को वह साझा करते रहेंगे। उन्होनें बताया कि वह हर जानकारी जनता को उपलब्ध करायेंगे ताकि ऐसे तत्वों के अभियान को ध्वस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और सही सूचनाओं, घटनाओं और समाचारों को लोगों तक पहुंचाने में निष्पक्षता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सकारात्मकता फैलाने की दिशा में काम करने की आश्यकता है न की भ्रम की स्थिति पैदा करने की।