कोरोना वायरस: उत्तराखंड में 8वीं तक के बच्चे बिना परीक्षा होंगे पास,अध्यापकों के स्कूल आने पर भी रोक
देहरादून। उत्तराखंड में इस बार केवल कक्षा नौवीं और 11वीं के छात्रों की गृह परीक्षाएं होंगी। वहीं आठवीं कक्षा तक के बच्चों को बिना परीक्षा के ही पास कर दिया जाएगा। कोरोना वायरस के खौफ के कारण ऐसा किया जा रहा है। शनिवार को शासन ने इस बारे में आदेश जारी किए। हालांकि नौवीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं कब होंगी अभी ये नहीं बताया गया है।
इससे पहले शुक्रवार को यह कहा जा रहा था कि प्रदेश में गृह परीक्षाएं 31 मार्च के बाद होंगी। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने 31 मार्च तक प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। उधर सरकार वायरस को देखते हुए पल पल का अपडेट ले रही है। जिससे आगे की रणनीति बनायी जा सके। इसके साथ ही अपने आदेश में प्राइवेट स्कूल संचालकों को भी सख्ती से नियम पालन कराने के लिए आदेश जारी किये गये है। प्राइवेट स्कूल संचालकों को टीचरों को जबरन स्कूल बुलाने को लेकर भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये है ।

सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुन्दरम ने साफ करते हुए कहा कि कतिपय निजी विद्यालयों में अध्यापकों को उपस्थित होने को कहा जा रहा है, जो उचित नही है। सचिव ने अपने आदेश में साफ करते हुए कहा कि केवल परीक्षा डयूटी वाले अध्यापक ही स्कूल में उपस्थित होंगे। अन्य अध्यापक स्कूल में उपस्थित नही होंगे।
कोरोना वायरस से पीड़ित होने के ये हैं लक्षण और बचाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत, ब्रिटेन और अमरीका समेत कोरोना वायरस कोविड 19 अब दुनिया के 123 देशों में फैल गया है और इसके कारण पाँच हज़ार से अधिक मौतें हो चुकी हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में इसके संक्रमण के 136,895 मामलों की पुष्टि हो चुकी है.
कोरोना वायरस कोविड 19 क्या है और यह कैसे फैलता है? इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फेस मास्क इससे प्रभावी सुरक्षा प्रदान नहीं करते.
