BJP के लिए अब शुरू हुआ असली चुनाव, 357 में से 221 सीटें हैं दांव पर

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मोदी लहर पर सवार बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनान में जम्मू-कश्मीर की लद्दाख से लेकर दक्षिण की कन्याकुमारी सीट पर कमल खिलाने में कामयाब रही थी. बीजेपी को रिकॉर्ड 282 सीटें मिली. इस बार 543 लोकसभा सीटों में दो चरणों की 186 सीटों पर वोटिंग के बाद अब 357 सीटों पर चुनाव होने हैं. बाकी के जो पांच चरणों में चुनाव होने हैं, इनमें से बीजेपी की जीती हुई 221 सीटें दांव पर हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने इन सीटों को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है.

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अभी तक दो चरणों की वोटिंग हो चुकी है. इनमें पहले चरण की 91 और दूसरे चरण की 95 सीटें शामिल थी. दिलचस्प बात है कि पहले चरण में बीजेपी के पास 32 और दूसरे चरण में 27 सीटें थी. इस तरह बीजेपी की जीती हुई 282 सीटों में से 61 पर चुनाव हो चुके हैं और बाकी बचे 221 सीटों पर पांच चरणों में वोट डाले जाएंगे. अब जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां बीजेपी ने पूरी तरह से विपक्ष का सफाया कर दिया था.

तीसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर मतदान होने हैं. 2014 में बीजेपी यहां की सभी सीटें जीतने में कामयाब रही थी, ऐसे में इस बार के चुनाव में पार्टी के सामने इन सीटों को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है. इसके अलावा कर्नाटक की 28 सीटें में से 14 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है बाकी बची हुई 14 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. 2014 में बीजेपी 17 सीटें जीतने में सफल रही थी. इस तरह से तीसरा चरण बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, 14 में से 11 सीटें बीजेपी के पास थी.

मध्य प्रदेश की 29 सीटों पर आखिरी के चार चरणों में चुनाव होने हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी 27 सीटें जीतने में सफल रही थी. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मात देकर कांग्रेस सत्ता में वापसी की है. ऐसे में बीजेपी के लिए अपनी सीटों को बरकरार रखने की कड़ी चुनौती है. इसके अलावा राजस्थान की 25 सीटों पर चौथे और पांचवे चरण में वोटिंग होनी है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी सभी सीटें जीतने में सफल रही थी. मध्य प्रदेश की तरह ही राजस्थान में भी बीजेपी को मात देकर कांग्रेस सत्ता में आई है. ऐसे में बीजेपी के लिए इन सीटों पर जीत दोहराना आसान नहीं है.

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 16 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं,  बाकी बची 64 सीटों पर आगामी पांच चरणों में वोटिंग होगी. 2014 में बीजेपी इन 64 सीटों में से 57 सीटें जीतने में सफल रही थी. इस बार के चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन कर मैदान में उतरी हैं, जिसके बाद बीजेपी को अपनी सीटें बचाए रखने की कड़ी चुनौती है. वहीं, झारखंड की 14 लोकसभा सीटों पर आखिरी के चार चरणों में चुनाव होने हैं. बीजेपी ने 2014 में 13 सीटें जीतने में सफल रही थी. इस बार के चुनाव में कांग्रेस-जेएमएम सहित कई दलों के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है, ऐसे में बीजेपी के लिए अपनी जीती हुई सीटें दांव पर लगी है.

बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 9 सीटों पर वोटिंग के बाद अब बची 31 सीटों पर आगामी पांच चरणों में चुनाव होने हैं. बीजेपी पिछली बार  22 सीटें जीतने में  कामयाब हुई थी. इस बार कांग्रेस, आरजेडी, आरएलएसपी सहित तमाम दलों के साथ महागठबंधन करके चुनाव रणभूमि में उतरी है. बीजेपी के लिए बिहार में अपने वर्चस्व को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है.  

इसके अलावा दिल्ली की सात और हरियाणा की 11 सीटों पर छठे चरण में वोटिंग होनी है. 2014 में बीजेपी दिल्ली की सभी सीटें जीतने में सफल रही थी तो हरियाणा में 8 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार इन दोनों राज्यों की सीटों को बचाए रखना आसान नहीं है. हिमाचल प्रदेश की सभी चार सीटों पर आखिरी चरण में वोट डाले जाएंगे और 2014 में बीजेपी इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं, पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से 5 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं बाकी बची 37 सीटों पर पांच चरणों में वोट डाले जाएंगे. इसके अलावा ओडिशा और असम की सीटों पर भी चुनाव होने हैं.

बीजेपी को दूसरी बार सत्ता में आने के लिए बाकी पांच चरणों के चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 282 सीटें जीती थी, जो 2009 के चुनाव की तुलना में 166 सीटों का फायदा हुआ था. जबकि कांग्रेस को 44 सीटें मिली जो कि 2009 की तुलना में 164 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. ऐसे में बाकी चरणों मे बचे हुए  चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं.

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