यूपी के कैबिनेट मंत्री ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन और कुंभ को बताया सरकार का ड्रामा

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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन और कुंभ सरकार का ड्रामा है। इससे देश की जनता का कोई भला नहीं होने वाला है। ओमप्रकाश राजभर शुक्रवार को वाराणसी में पत्रकारों से बात कर रहे थे।  उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 24 फरवरी तक आरक्षण का बंटवारा नहीं किया जाता है तो उसी दिन वाराणसी में आयोजित सभा में आर-पार की लड़ाई का शंखनाद होगा। 24 फरवरी को 80 सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा चाहेगी तभी गठबंधन के साथ जाएंगे।

अपने बयानो के लेकर चर्चा में रहने वाले सुभासपा अध्यक्ष ने मीडिया के सामने विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने गरीबों से आह्वान किया कि जो नेता तुम्हें आग में झोंकने की कोशिश करे उसे आग में झोंक देना। पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या आप गांधीवादी नहीं है?

इस पर उन्होंने कहा कि जब कभी गरम दल का साथ भी होना चाहिए। देश की आजादी में गरम दल के नेताओं का बड़ा योगदान था। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने के सवाल पर कहा कि वो प्रवाली नहीं भारतीय हैं। आमंत्रण नहीं मिला है। अगर मिलता भी तो वो इस आयोजन में शामिल नहीं होते। 

‘जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का’

प्रवासी भारतीय सम्मेलन और कुंभ की तैयारियों में हुए खर्च को उन्होंने फिजूलखर्जी बताया। कहा कि अगर यही पैसा शिक्षा और स्वास्थय सेवाओं की बेहतरी पर खर्च हुआ होता तो जनता का भला होता। अर्द्ध कुंभ को कुंभ नाम देने पर उन्होंने सीएम योगी पर तंज कसा। कहा कि ‘जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का’। योगी जी मुख्यमंत्री हैं तो कुछ भी कर सकते हैं।

संतों की निष्ठा पर सवाल हुए  कहा कि सोशल मीडिया से लेकर टीवी तक देखिए संत किस तरह मौज कर रहे हैं।  कहा कि लोगों का वोट लेने के लिए भाजपा हिन्दू, मुस्लिम, मंदिर मस्जिद का खेल खेल रही है। इससे देश का भला होने वाला नहीं हैं।

यदि मोदी और योगी देश-प्रदेश का भला चाहते हैं तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के साथ ही पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में से बंटवारा कर अति पिछडों को देना होगा। उमंत्री ने कहा कि जब हम अपना हिस्सा मांग रहे हैं तो लोग कहते हैं कि ओमप्रकाश सरकार से बगावत कर रहे है। 

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