बजट 2019: आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, अमीरों पर लगेगा और अधिक टैक्स

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बजट भाषण 2019-2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि 2 से 5 करोड़ पर 3 पर्सेंट सरचार्ज लगेगा। 5 करोड़ रुपये सालाना से अधिक आय वाले लोगों पर 7 पर्सेंट अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा। यानी अब अमीरों पर और अधिक टैक्स लगेगा। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी टैक्स स्लैब पहले की तरह जस के तस रहेंगे। वर्तमान में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत, 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से ऊपर आय पर कर की दर 30 प्रतिशत है। 

– खाते में 1 साल में 2 करोड़ से ज्यादा की निकासी पर 2 प्रतिशत टीडीएस कटेगा। 

– 45 लाख का घर खरीदने पर हाउसिंग लोन के ब्याज पर 3.5 लाख रुपये की छूट मिलेगी। पहले यह 2 लाख रुपये थी। इस ऐलान से 15 साल की अवधि के आवास कर्ज पर लाभार्थी को सात लाख रुपये तक का फायदा होगा। 

– इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को लेकर लिये गये कर्ज पर ब्याज भुगतान में 1.5 लाख रुपये की आयकर छूट दी जाएगी।
– आम करदाताओं को कर – रिटर्न दाखिल करने की सुविधा के लिये उन्हें पहले से भरे हुये रिटर्न फार्म उपलब्ध कराने की सुविधा दी जायेगी। ये फार्म ईपीएफओ सहित विभिन्न संस्थानों और प्रतिष्ठानों से प्राप्त किये जा सकेंगे।
– जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है, वे आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

– वित्त मंत्री ने कहा- देश में 400 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनियों को अब 25 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट कर देना होगा। इससे पहले 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर कम दर से कर लगाया गया था। कंपनियों की कारोबार सीमा बढ़ने से अब 99.3 प्रतिशत कंपनियां घटे हुए दर के दायरे में आ गई हैं।

मौजूदा टैक्स स्लैब्स इस प्रकार हैं…

टैक्स रेटसामान्य नागरिकवरिष्ठ नागरिक (60 से 80 साल)अति वरिष्ठ नागरिक(80 से अधिक)
0%ढाई लाख रुपये तक3 लाख रुपये तक5 लाख रुपये तक
5%2,50,001 से 5,00,0003,00,001 से 5,00,000शून्य
20%5,00,001 से 10 लाख5,00,001 से 10 लाख5,00,001 से 10 लाख
30%10 लाख से अधिक10 लाख से अधिक10 लाख से अधिक

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पिछले बार के बजट में हुए थे ये ऐलान
पिछले अंतिम बजट में मोदी सरकार ने नौकरीपेशा और कम आय वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी था। अब भविष्य निधियों तथा अन्य कर छूट वाले निवेश को मिलाकर 6.5 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई आयकर नहीं देना पड़ता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए मानक छूट (स्टैंडर्ड डिडक्शन) की सीमा 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई थी। फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज से होने वाली इनकम पर टीडीएस कटौती की सीमा सालाना 10 हजार रुपये बढ़ाकर 40 हजार रुपये तक की गई थी। 

– अब नौकरी-पेशा लोग दो घरों के लिए एचआरए का आवेदन कर सकते हैं। एचआरए पर टैक्स छूट 1.80 लाख रुपये से बढ़कर 2.40 लाख कर दी है।

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